हमने स्वीकार कर लिया, तुम्हें स्वीकार नही।
गलती हमारी ही थी… हमने उसे अपना समझ कर दिल में बसा लिया।
टूट कर भी हँस देना उसने खुद को सिखा दिया है,
पर सुना है खुदा मरने से पहले मिलता नहीं।
ज़िन्दगी में गम नहीं फिर इसमें क्या मजा,
चेहरे से ही समझ आ जाता है… उदासी का कारण इश्क है या पैसा।
रिश्तों की भीड़ में सबसे अकेले हम ही रहे,
तुमसे बिछड़कर अब किसी से मोहब्बत नहीं होती,
की आदमी Sad Shayari in Hindi ही आदमी को जाल में फसाने लगा है…!
क्योंकि उसे गुरुर होता है, की उसे चाहने वाले बहुत हैं…!
मुझे इसलिए बनाया उस भगवान ने, क्योंकि वो देखना चाहते थे, इंसान किस हद तक दर्द सह सकता है…!
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
कभी-कभी ऐसा लगता है… जैसे मेरी ज़िंदगी ही मुझसे रूठ गई हो।
ज़ख़्म दिल में लिखे थे… लोगों ने मज़ाक समझ लिया,